8 वर्षों तक दुर्गम क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों के बीच निभाया शिक्षकीय दायित्व, 100% परीक्षा परिणाम और उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों ने दिलाया राज्य स्तरीय सम्मान

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(बांकी मोंगरा)नगर पालिका परिषद बांकी मोंगरा के वार्ड क्रमांक-6 शांतिनगर स्थित सामुदायिक भवन में 6 सितंबर 2026 को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित कौशल्या खुराना के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। वार्डवासियों, समाजजनों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनका अभिनंदन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और उपलब्धियों की सराहना की।

1998 में बिहड़ क्षेत्र से शुरू हुआ संघर्ष

कौशल्या खुराना की उपलब्धि केवल एक पुरस्कार की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और चुनौती को अवसर में बदलने की प्रेरणादायी गाथा है। वर्ष 1998 में शिक्षक पद पर उनकी नियुक्ति श्यांग जैसे बिहड़ एवं दुर्गम क्षेत्र में हुई। वहां पहुंचने के लिए दुर्गम रास्ते, बिजली की अनुपलब्धता और मूलभूत सुविधाओं का अभाव बड़ी चुनौती थी।

एक महिला शिक्षिका के लिए ऐसी परिस्थितियों में रहकर शिक्षकीय दायित्व निभाना आसान नहीं था। बावजूद इसके उन्होंने कठिनाइयों के सामने हार नहीं मानी। लगभग आठ वर्षों तक लालटेन के सहारे जीवन-यापन करते हुए उन्होंने अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने प्रत्येक कठिनाई को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और विद्यार्थियों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।


उनकी मेहनत, लगन, नियमित अध्यापन और शिक्षा के प्रति विशेष योगदान का परिणाम है कि आज उन्हें राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से नवाजा गया है।


सिर्फ वरिष्ठता नहीं, उत्कृष्ट कार्य बना चयन का आधार

राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए केवल वरिष्ठता को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि शिक्षक के नियमित कक्षा अध्यापन, शैक्षणिक उपलब्धियों, नवाचार, विद्यार्थियों के हित में किए गए कार्य तथा समग्र योगदान को महत्व दिया गया।


विशेष रूप से पिछले पांच वर्षों के स्थानीय परीक्षा परिणाम लगातार 100 प्रतिशत रहना उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल रहा। यही उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण उनके चयन में महत्वपूर्ण आधार बना।


कोरबा जिले के दो शिक्षकों को मिला सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की गई।


कोरबा जिले से राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में—

कौशल्या खुराना — व्याख्याता, कोरबा

जितेन्द्र कुमार साहू — व्याख्याता, कोरबा

शामिल हैं।

कौशल्या खुराना को मिले इस सम्मान से बांकी मोंगरा क्षेत्र में भी हर्ष का माहौल है। इसी गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में वार्ड-6 में सम्मान साहरोह आयोजित किया गया।

सम्मान समारोह में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वार्ड क्रमांक-6 की पार्षद तालिका साहू रहीं। इस अवसर पर संजय आजाद, सुनीता पाटले, प्रेम लाल नारंग, जी.एल. मात्रे, हरिशंकर दिवाकर, के.पी. पाटले, श्यामलाल मनहर, सोनिया कुर्रे, लेखराम निराला एवं मिठाईलाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मंच का सफल संचालन बबलू डहरिया ने किया

इसके अलावा अमृता रानाड़े, चंद्रकला बघेल, सरिता लहरे, मनीषा लहरे, अनुसुइया, राखी विंध्यराज, शीतल नारंग, सरिता आजाद, सुनैना शर्मा, प्रीतिमाला, उषा साहू, स्नेहा, ईरा, उर्मिला, चंद्रकला, निबा, श्रुति, हर्षिता, श्रद्धा, भूपेश खुराना एवं लाला साहू सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कौशल्या खुराना को पुष्पगुच्छ एवं सम्मान प्रदान कर बधाई दी और कहा कि दुर्गम परिस्थितियों में 28 वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाने वाली एक शिक्षिका का राज्य स्तर पर सम्मानित होना पूरे बांकी मोंगरा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।


लालटेन की रोशनी में 8 वर्षों का संघर्ष और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर मेहनत—कौशल्या खुराना की यही प्रतिबद्धता आज राज्यपाल सम्मान के रूप में सामने आई है।