चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बिलासपुर प्रवास के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कर्मचारियों के अटैचमेंट, झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई, हरिओम अस्पताल विवाद, सर्पदंश मुआवजा, मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मलेरिया नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग में कर्मचारियों का अटैचमेंट केवल आवश्यकता के अनुसार किया जाता है। फिलहाल अटैचमेंट समाप्त किए जा रहे हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत दोबारा व्यवस्था बनाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और बिना लाइसेंस अथवा नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर शिकायत मिलने पर कड़ी जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

हरिओम अस्पताल में महिला के शव को रोके जाने के मामले पर मंत्री ने कहा कि इस घटना को अनावश्यक रूप से तूल दिया गया। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में किसी भी गरीब का शव पैसों के अभाव में नहीं रोका जाता। वहीं सर्पदंश मुआवजा प्रकरण पर उन्होंने बताया कि विधानसभा में मामला उठने के बाद व्यापक जांच जारी है और रिपोर्ट आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बिलासपुर का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा, जहां आयुष्मान एवं जिला अस्पताल की तर्ज पर आम और गरीब मरीजों को निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता तक सुलभ कराना है।

कोटा क्षेत्र में बढ़ते मलेरिया मामलों पर चिंता जताते हुए जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे, जांच और उपचार अभियान चला रही हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है तथा लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।