आंखों में श्रद्धा, मन में पीड़ा और हाथों में नारियल लेकर अयोध्या पहुंचे रामभक्त—विजय केशरवानी के नेतृत्व में तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा का भावपूर्ण समापन

चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) अयोध्या में रामलला के दर्शन और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धा अर्पित करने के उद्देश्य से बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के रामभक्तों द्वारा निकाली गई तीन दिवसीय “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” भावनाओं और आस्था के अद्भुत संगम के रूप में सामने आई। बेलतरा विधानसभा के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने बिलासपुर सहित बेलतरा क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से एकत्र किए गए नारियल अयोध्या पहुंचाकर रामलला के श्रीचरणों में विधिवत समर्पित किए।

चोरी की घटना से आहत मन ने लिया श्रद्धा का संकल्प

अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़ी चोरी की घटना से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई थीं। इसी पीड़ा को विरोध या कटुता का रूप देने के बजाय श्रद्धालुओं ने उसे श्रद्धा, संकल्प और समर्पण में बदलने का निर्णय लिया। यात्रा के दौरान लोगों ने अपने मन की भावनाओं, प्रार्थनाओं और आस्था के प्रतीक के रूप में नारियल अर्पित किए।

विजय केशरवानी ने रामलला के दर्शन एवं नारियल समर्पण के बाद कहा कि उनके हाथों में केवल नारियल नहीं थे, बल्कि बिलासपुर सहित बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के उन रामभक्तों की भावनाएं थीं, जिन्होंने अपनी श्रद्धा और मन की पीड़ा के साथ इन्हें अर्पित किया था।

उन्होंने कहा, “जब इन नारियलों को रामलला के श्रीचरणों में रखा, तो ऐसा लगा जैसे बिलासपुर और बेलतरा का पूरा ननिहाल अपने भांचा श्रीराम के दरबार में उपस्थित होकर प्रणाम कर रहा हो।”

“ये नारियल नहीं, ननिहाल की भावनाएं हैं”

केशरवानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोकपरंपरा में भगवान श्रीराम को भांचा मानने की भावना अत्यंत आत्मीय और गहरी है। इसी रिश्ते के कारण अयोध्या से जुड़ी घटना ने बिलासपुर और बेलतरा क्षेत्र के लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया।

उन्होंने कहा, “भांचा और ननिहाल का रिश्ता शब्दों से नहीं, भावनाओं से समझा जाता है। छत्तीसगढ़ के लिए श्रीराम केवल आराध्य नहीं, हमारे भांचा हैं। बेलतरा और बिलासपुर की जनता ने इसी आत्मीय रिश्ते के साथ अपनी श्रद्धा अयोध्या तक पहुंचाई और रामलला के चरणों में समर्पित की।”

काशी से बैद्यनाथ धाम तक परिवार सहित किए दर्शन

अयोध्या पहुंचने से पूर्व विजय केशरवानी ने परिवार सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों में दर्शन-पूजन किया। यात्रा के दौरान देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन हनुमान मंदिर, दुर्गाकुंड स्थित मां दुर्गा मंदिर, सारनाथ स्थित बाबा, सारंगनाथ महादेव, बनारस के कैथी स्थित बाबा मार्कंडेय महादेव तथा विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की गई।

इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़, बिलासपुर, बेलतरा विधानसभा क्षेत्र और समस्त जनमानस की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की।

तीन दिवसीय यात्रा में जुटाए गए श्रद्धा के नारियल

“श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” के दौरान बेलतरा विधानसभा सहित बिलासपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालुओं ने श्रद्धा के नारियल एकत्र किए। यात्रा का उद्देश्य किसी के विरोध के बजाय आहत भावनाओं को शांति, श्रद्धा और समर्पण के माध्यम से रामलला तक पहुंचाना था।

विजय केशरवानी ने कहा, “तीन दिन तक हम बेलतरा विधानसभा और बिलासपुर क्षेत्र के लोगों के बीच गए। किसी ने मनोकामना के साथ नारियल दिया, किसी ने आशीर्वाद के रूप में और किसी ने अपने आहत मन की श्रद्धा के रूप में। आज उन सभी भावनाओं को रामलला के चरणों में समर्पित कर हमारा संकल्प पूर्ण हुआ है।”

उन्होंने कहा कि यात्रा ने यह संदेश दिया है कि आस्था को चोट पहुंच सकती है, लेकिन सच्ची श्रद्धा कभी समाप्त नहीं होती। श्रद्धा जब संकल्प बनती है तो वह अपनी मंजिल तक पहुंचकर ही पूर्ण होती है।

“अयोध्या में नारियल नहीं, बेलतरा-बिलासपुर का स्नेह पहुंचा”

यात्रा के समापन पर केशरवानी ने कहा कि अयोध्या में केवल नारियल नहीं पहुंचे, बल्कि बिलासपुर और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के रामभक्तों का स्नेह, प्रार्थना और अपने भांचा श्रीराम के प्रति अटूट विश्वास पहुंचा है।

उन्होंने यात्रा में सहभागी सभी रामभक्तों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिन हाथों ने श्रद्धा से नारियल अर्पित किए थे, उन सभी हाथों की भावनाएं आज रामलला के चरणों तक पहुंची हैं।

यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ यह भावपूर्ण संदेश दिया कि पीड़ा को भी श्रद्धा में बदला जा सकता है और भावनाओं को विरोध के बजाय समर्पण का स्वरूप दिया जा सकता है।