कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) कंवर समाज में क्षेत्रीय गुटबाजी समाप्त कर सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। सामाजिक कार्यक्रम में क्षेत्रीयता के नाम पर भेदभाव किए जाने की शिकायत पर 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में सुनवाई हुई। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने समाज के पदाधिकारियों को पुरानी कुरीतियां समाप्त कर समय के अनुरूप नियमों में संशोधन करने का मार्गदर्शन दिया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम मुरमुर के लरतीपारा निवासी शैलेश कुमार कंवर ने आयोग में शिकायत प्रस्तुत की थी कि उनके साथ सामाजिक कार्यक्रम में क्षेत्रीयता के नाम पर भेदभाव किया गया। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने ग्राम धनरास के अध्यक्ष छत्रपाल सिंह कंवर को नोटिस जारी किया था।

प्रकरण की सुनवाई के दौरान छत्रपाल सिंह कंवर सहित सातगढ़ कंवर समाज के केंद्रीय पदाधिकारी, विभिन्न इकाई-चक के अध्यक्ष, सचिव और वरिष्ठजन आयोग कार्यालय, भगत सिंह चौक के पास, शंकर नगर रोड, रायपुर में उपस्थित हुए।

सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने धनरास, छुरी, कटघोरा, कोरबा, मरवाही, पेंड्रा और गौरेला के नाम पर होने वाली क्षेत्रीय गुटबाजी समाप्त कर पूरे कंवर समाज को राज्य स्तर पर एकजुट करने पर जोर दिया। उन्होंने सामाजिक कार्यक्रमों में रोक लगाने, आपसी रंजिश के चलते जुर्माना वसूलने और किसी व्यक्ति या परिवार को समाज से बहिष्कृत करने जैसी परंपराओं को समाप्त करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि समाज के नीति-नियम समय और परिस्थितियों के अनुसार बदले जाने चाहिए। पहले आवागमन, शिक्षा और संसाधनों की कमी के कारण सामाजिक संबंध सीमित क्षेत्रों तक रहते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। ऐसे में पुरानी मान्यताओं को पकड़े रहने के बजाय सकारात्मक बदलाव अपनाना जरूरी है।

अध्यक्ष ने कहा कि समाज को तोड़ने के बजाय जोड़ने का प्रयास होना चाहिए। एकजुट समाज ही मजबूत बनता है और उसकी मजबूती से प्रत्येक व्यक्ति सशक्त होता है।

समाज के पदाधिकारियों ने इन निर्देशों को स्वीकार करते हुए नई सोच, एकता और समरसता के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया। आयोग ने भी इस सकारात्मक पहल की सराहना की।