चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) बैमा-नगोई। शारदीय नवरात्र पर्व के अवसर पर मां महामाया धाम बैमा-नगोई में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर में इस वर्ष कुल 1202 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए हैं, जिनमें 211 घी के तथा 981 तेल के ज्योति कलश शामिल हैं। सप्तमी के दिन सुबह से ही माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार सहित पहुंचे भक्तों ने मां महामाया के दर्शन कर सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

मां महामाया धाम के साथ वैष्णो धाम नगोई में भी बड़ी संख्या में मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित की गई हैं। यहां 139 ज्योति कलश जलाए गए हैं, जिनमें 21 घी के तथा शेष तेल के ज्योत बताए गए हैं। मां महामाया धाम में देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं ने भी अपनी आस्था प्रकट करते हुए ज्योत प्रज्ज्वलित कराई है। हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु, महाराष्ट्र, ग्वालियर, संबलपुर, इंदौर, मैनपुरी, रायपुर, बिलासपुर तथा आसपास के क्षेत्रों के भक्तों ने मनोकामना ज्योत जलवाई है। मंदिर में पूजा-अर्चना और व्यवस्था की जिम्मेदारी मुख्य पुजारी जोशी के साथ पंडित शुभम, गौरव शर्मा, अविनाश शर्मा, अक्षय तिवारी, दीपक शर्मा, अमन शर्मा, हर्ष तिवारी, विकास तिवारी और अखिल पांडे सहित अन्य सेवादार संभाल रहे हैं।

1984 में 21 ज्योत से हुई थी शुरूवात

ग्राम पंचायत बैमा के सरपंच फतेहलाल सूर्यवंशी ने बताया कि मां महामाया धाम में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित करने की परंपरा वर्ष 1984 में गिलहरी बाबा की देखरेख में 21 ज्योत से शुरू हुई थी। वर्ष 1987 में यह संख्या बढ़कर 51 हो गई और आज हजारों की संख्या में श्रद्धालु मनोकामना ज्योत प्रज्ज्वलित करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गिलहरी बाबा की कृपा और मां महामाया के आशीर्वाद से क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ विकास की गतिविधियां भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि माता के दरबार में सच्चे मन से आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं मां महामाया पूर्ण करती हैं। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ से बैमा-नगोई का महामाया धाम क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है।