अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा-कुसमुंडा)कुसमुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम सराइसिंगार में साइबर जागृति अभियान के तहत कुसमुंडा थाना पुलिस द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

पुलिस टीम ने ग्रामीणों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अनजान मोबाइल नंबरों से आने वाले कॉल, संदिग्ध मैसेज, लिंक और आकर्षक ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहना जरूरी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, UPI PIN, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, रिश्तेदार अथवा परिचित बनकर लोगों को डराने या लालच देने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय कॉल की सत्यता की जांच करनी चाहिए और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देनी चाहिए।


जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिसकर्मियों ने सरल भाषा में समाधान बताया। पुलिस ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर जागरूकता बढ़ाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है, ताकि लोग डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग कर सकें।


जनपद सदस्य फुलचंद कश्यप ने ग्रामीणों से साइबर अपराध के प्रति सजग रहने और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी को परिवार एवं आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की।


पुलिस ने कहा—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और बिना सत्यापन किसी संदिग्ध लिंक या कॉल पर कार्रवाई न करें।