धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग जिला ब्यूरो चीफ

(कोरबा)हसदेव नदी के किनारे बसे इलाके में जमीन से फूटी जलधारा, लोगों में कौतूहल के साथ चिंता; क्या भारी बारिश से बढ़ा भूजल स्तर?

 *चमत्कार या प्राकृतिक दबाव

 * घरों में भी रिसन: हैंडपंप ही नहीं, आसपास के कई मकानों के फर्श और दीवारों से भी रिसने रहा पानी।

 * हसदेव नदी का असर: हालिया मूसलाधार बारिश के बाद अप्रत्याशित रूप से ऊपर आया भूजल स्तर।

 * चर्चा का केंद्र: हैंडपम्प की विडिओ हो रही वायरल

*प्रशासन और भूजल विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतज़ार।


छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी कोरबा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के राताखार वार्ड में पिछले करीब 15 दिनों से एक हैंडपंप अपने आप पानी उगल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि बिना किसी के हैंडल चलाए, दिन-रात 24 घंटे इस हैंडपंप से तेज धार में पानी बाहर निकल रहा है, जो अब पूरे इलाके में कौतूहल और चर्चा का विषय बन चुका है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नजारा नहीं देखा। पानी की धार इतनी तेज और निरंतर है कि मानों जमीन के नीचे कोई मोटर चल रही हो। 

 स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती के कई घरों के भीतर फर्श और जमीन से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। कई घरों में सीलन की नौबत आ गई है जिससे स्थानीय रहवासियों में अब हैरानी के साथ-साथ मकानों की नींव को लेकर चिंता भी सताने लगी है।

क्या है इसके पीछे की वजह?

भूगर्भ के जानकारों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार, राताखार क्षेत्र जीवनदायिनी हसदेव नदी के तटवर्ती इलाके में स्थित होने कि वजह से ऐसा माना जा रहा है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई मूसलाधार भारी बारिश और नदी के उफान पर होने की वजह से इलाके का भूजल स्तर (Groundwater Level) काफी ऊपर आ गया हो। माना जा रहा है कि जमीन के भीतर अत्यधिक जल दबाव (आर्टिसियन प्रेशर) बनने की वजह से हैंडपंप और जमीन की दरारों से पानी स्वतः बाहर फेंक रहा हो।

फिलहाल यह घटना पूरे शहर में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

 अब देखना होगा कि भूजल विभाग इस पर क्या तकनीकी राय देता है और यह प्राकृतिक धारा कब तक जारी रहती है।