क्षतिग्रस्त पुल से वर्षों से परेशान थे ग्रामीण, शुक्लाखार चक्काजाम के बाद प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला; हजारों लोगों को मिलेगी आवागमन में राहत

धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा-कटघोरा)कटघोरा विकासखंड के ग्राम देवरी में लंबे समय से क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण की मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) से वर्ष 2026-27 के लिए देवरी में पुल निर्माण हेतु 6 करोड़ 24 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। निर्माण एजेंसी के रूप में लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।


क्षतिग्रस्त पुल के कारण बारिश के मौसम में देवरी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह पुल लंबे समय से गंभीर समस्या बना हुआ था। नए पुल के निर्माण से क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

चक्काजाम और आंदोलन के बाद तेज हुई कार्रवाई

देवरी पुल के निर्माण की मांग को लेकर विगत 7 अगस्त को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना तथा आसपास के ग्रामवासियों ने बांकी मोंगरा-कटघोरा मार्ग पर शुक्लाखार गांव में चक्काजाम किया था। आंदोलन के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने मांग पूरी नहीं होने पर आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।


चक्काजाम को क्षेत्र के ग्रामीणों का व्यापक समर्थन मिला था। आंदोलनकारियों का कहना था कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगातार इसके पुनर्निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन लंबे समय तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।


बताया गया कि इस संबंध में पार्टी की ओर से जिला प्रशासन को आवेदन भी सौंपा गया था तथा पुल निर्माण के लिए लगभग 6.24 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया था। इसके बावजूद स्वीकृति की प्रक्रिया लंबित रहने से ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई थी।

प्रशासन ने गंभीरता से लिया ग्रामीणों का मुद्दा

लगातार उठ रही मांग, ग्रामीणों की परेशानी और व्यापक जनआंदोलन के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण के लिए आवश्यक पहल की। कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा DMF से 6 करोड़ 24 लाख रुपये की स्वीकृति दिए जाने के बाद अब निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


लोक निर्माण विभाग (ब्रिज) द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी किए जाने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि गतिविधियों को मिलेगा फायदा

नए पुल के निर्माण से केवल आवागमन की समस्या ही दूर नहीं होगी, बल्कि ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। बारिश के दौरान पुल के कारण होने वाली परेशानी से भी ग्रामीणों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

जनएकजुटता की जीत बताया

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला सचिव महावीर यादव, जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे तथा छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से पुल निर्माण के लिए मिली स्वीकृति का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रवासियों की एकजुटता और लंबे संघर्ष की जीत बताया एवं समस्त ग्रामवासियों को उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की वास्तविक समस्या को लेकर किए गए जनआंदोलन का एक बढ़िया सकारात्मक परिणाम सामने आया है।


देवरी पुल के निर्माण के लिए मिली 6.24 करोड़ रुपये की स्वीकृति से क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी उम्मीद को बल मिला है। अब ग्रामीणों की नजर पुनर्निर्माण कार्य शुरू होने और निर्धारित समय में पुल के निर्माण पर टिक गई है।