अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा-गेवरा) एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने खदान में हो रही भारी ब्लास्टिंग से जान-माल का खतरा बढ़ने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि दोपहर के समय होने वाले तेज धमाकों से मकानों में दरारें पड़ रही हैं और कई बार पत्थर उड़कर घरों तक पहुंच रहे हैं। हाल ही में एक परिवार के घर की एस्बेस्टस शीट को चीरते हुए बड़ा पत्थर कमरे में गिर गया।

संयोग से उस समय मौजूद परिजन सुरक्षित बच गए। अगले दिन मरम्मत के दौरान भी उसी स्थान पर दोबारा पत्थर गिरने से लोगों में दहशत फैल गई।

ग्रामीणों के अनुसार ब्लास्टिंग के कारण बोर और कुएं भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे पेयजल संकट गहराने लगा है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त शीट बदलने और नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि किसी की जान चली जाती तो उसकी भरपाई कैसे होती।

ग्रामीणों ने रोजगार और विस्थापन के मुद्दे पर भी एसईसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पात्र परिवारों के सदस्यों को नियमानुसार रोजगार नहीं दिया जा रहा, जबकि बसाहट और पुनर्वास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। ग्रामीणों ने कुछ बिचौलियों पर भी विस्थापन प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि विस्थापन, रोजगार और मुआवजे को लेकर कई त्रिपक्षीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो सभी ग्रामीण एसईसीएल गेवरा मुख्यालय का महाघेराव करेंगे। आंदोलन के दौरान उत्पन्न किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।