चंद्र कुमार निर्णेजक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) छत्तीसगढ़ में शासकीय महाविद्यालयों के युक्तियुक्तकरण, जीरो एडमिशन वाले कॉलेजों को मर्ज करने और छात्र संख्या के आधार पर कॉलेज बंद करने की प्रस्तावित प्रक्रिया के विरोध में छात्र संगठन AIDSO की बिलासपुर जिला कमिटी ने आवाज बुलंद की है। संगठन ने इस प्रक्रिया को जनविरोधी बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर सालिकराम गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया।

ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष सूरज साहू, उपाध्यक्ष संध्या कैवर्त, देव प्रसाद गेंदले, कोषाध्यक्ष सुरेंद्र साहू, किशन रजक, कमलेश कुर्रे, बिंदिया, प्रमोद, यशवंत, जामवंती, दीपिका, खुशी, श्रेया सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

इस दौरान जिला अध्यक्ष सूरज साहू ने प्रदेश में सरकारी कॉलेजों के युक्तियुक्तकरण और विलय की तैयारियों पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र में प्रदेश के सात शासकीय कॉलेजों में एक भी विद्यार्थी का प्रवेश नहीं हुआ, जबकि 23 कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या 100 से कम रही। संगठन के अनुसार, कुल 68 कॉलेजों को मर्ज करने की योजना बनाई जा रही है। वहीं, कई कॉलेज महज चार-पांच कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां प्रयोगशाला और पुस्तकालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।

AIDSO का कहना है कि कॉलेजों में कम छात्र संख्या या जीरो एडमिशन के लिए विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में रुचि की कमी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। संगठन ने इसे सरकार और उच्च शिक्षा विभाग की नीतिगत विफलता बताते हुए कहा कि शिक्षकों के रिक्त पद, भवनों की कमी और आवश्यक सुविधाओं के अभाव ने सरकारी उच्च शिक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।

संगठन ने मांग की कि कॉलेज बंद करने या मर्ज करने के बजाय उनमें पर्याप्त शिक्षक, बेहतर भवन, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि गरीब और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को सुलभ उच्च शिक्षा मिल सके।