बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की; स्थानीय समस्याओं और जनप्रतिनिधियों की कथित प्रताड़ना के विरोध में किया प्रदर्शन

चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की कथित प्रशासनिक प्रताड़ना के विरोध में 13 अक्टूबर को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट घेराव एवं धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की तथा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार पड़ते ही प्रदर्शनकारी आक्रोशित हो उठे और मौके पर हंगामे के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।

कांग्रेस भवन से निकला विरोध मार्च

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेसजन सुबह कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। यहां से वे नेहरू चौक पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। नेहरू चौक पर बैरिकेडिंग कर रास्ता रोका गया था, वहीं कलेक्ट्रेट परिसर के सामने वाटर कैनन, दमकल वाहन और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। उन्हें रोकने के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन चलाया, जिसके बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।

स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस ने प्रदर्शन के माध्यम से बेलतरा क्षेत्र के भाजपा विधायक पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी करने तथा कांग्रेस समर्थित निर्वाचित पंचायत एवं नगर निगम प्रतिनिधियों के साथ कथित भेदभाव और प्रशासनिक प्रताड़ना के आरोप लगाए। पार्टी का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को परेशान किए जाने से क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रदर्शन में स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। इनमें क्षेत्र की खराब सड़कें, बढ़े हुए बिजली बिल, अवैध उत्खनन, जलभराव तथा गरीब परिवारों के घरों में तोड़फोड़ से जुड़े मामले शामिल रहे। कांग्रेस ने इन समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए प्रशासन से जनहित में प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

इसके अलावा, हाल ही में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस भवन में प्रवेश के विरोध तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को भी प्रदर्शन के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया।

प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रहे। नेहरू चौक पर तीन स्तर की बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया गया। कलेक्ट्रेट के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि प्रदर्शनकारियों को कार्यालय परिसर तक पहुंचने से रोका जा सके और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

कांग्रेस के इस प्रदर्शन के दौरान बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति गरमा गई। स्थानीय समस्याओं, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कथित उत्पीड़न और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, वाटर कैनन के इस्तेमाल और पुलिस के साथ हुई धक्का-मुक्की ने पूरे घटनाक्रम को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। इस प्रदर्शन में विजय केसरवानी, प्रमोद नायक, राजेंद्र साहू,  पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, त्रिलोकचंद श्रीवास, अंकित गौरहा, रामशरण यादव, विजय पांडे, ऋषि पांडे, विनोद साहू, शिल्पी तिवारी, मोहन श्रीवास, सुनील सोनकर, धनंजय सिंह ठाकुर, लक्ष्मी साहू, झगड़ राम सूर्यवंशी, शीतल दास महंत, सीमा धीतेस,साखन दर्वे, सुखसागर, दीपेश राव, मनीष गढ़ेवाल कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं पदाधिकारी बड़ी संख्याओं में कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्रवासी भी शामिल हुएं ।