सदानंद कुमार प्रउहा सह-संपादक डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा) पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के रोदे सबस्टेशन अंतर्गत लगभग 35 से 40 गांव पिछले 48 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अंधेरे में डूबे हुए हैं। लगातार बिजली गुल रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गर्मी के मौसम में लंबे समय तक किए गए मेंटेनेंस कार्य की पोल पहली ही तेज हवा और बारिश में खुल गई।


जानकारी के अनुसार रोदे सबस्टेशन को जडगा और सिरमिना से 33 केवी विद्युत आपूर्ति मिलती है, जहां से 11 केवी फीडर के माध्यम से आसपास के गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। लेकिन 17 जुलाई की रात हुई तेज बारिश के बाद से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 19 जुलाई की सुबह से लेकर 21 जुलाई की सुबह तक अधिकांश गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी।


ग्रामीणों का कहना है कि रोदे सबस्टेशन में पांच कर्मचारी और एक लाइनमैन पदस्थ हैं, लेकिन स्थायी जूनियर इंजीनियर (जेई) की नियुक्ति नहीं होने से छोटी-बड़ी खराबियों के समाधान में भी काफी समय लग जाता है। वर्तमान में बांगो (कोनकोना) और पसान से जेई को 40 से 50 किलोमीटर दूर आकर व्यवस्था संभालनी पड़ती है, जिससे मरम्मत कार्य में देरी होती है। ग्रामीणों ने विभाग से स्थायी जेई की पदस्थापना की मांग की है।


बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, मोबाइल चार्जिंग, ऑनलाइन सेवाएं, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों का संरक्षण तथा 112 और महतारी एक्सप्रेस जैसी आपातकालीन सेवाओं से संपर्क भी प्रभावित हुआ है। रात के अंधेरे में जहरीले सांप-बिच्छुओं का खतरा भी बढ़ गया है।


ग्रामीणों का कहना है कि कभी 33 केवी लाइन में फॉल्ट आता है तो कभी 11 केवी फीडर में खराबी हो जाती है। एक लाइन ठीक होने तक दूसरी में समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति लगातार बाधित रहती है।


क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग से स्थायी समाधान, पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति और विद्युत व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को बार-बार होने वाली इस परेशानी से राहत मिल सके।