बकरी पालन ने बदली जिंदगी, पक्का मकान बना और बेटी की शादी का सपना भी हुआ पूरा

रामलाल कुर्रे रिपोर्टर उरगा कोरबा

(कोरबा)कभी आर्थिक तंगी के कारण परिवार की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना मुश्किल था। कच्चे मकान में रहने वाली पतरापाली निवासी 48 वर्षीय प्रमिला सिंह के सामने बेटी की शादी और पक्का मकान बनाने की चिंता थी। परिवार की मासिक आय करीब 4 से 6 हजार रुपये थी। वर्ष 2022 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत उन्हें बकरी पालन के लिए सहायता मिली।

पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन में 66 हजार रुपये की लागत से प्रमिला को 10 बकरी और एक बकरा प्रदान किया गया। विभाग ने समय-समय पर पशुओं की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और जरूरी सलाह भी दी। प्रमिला ने मेहनत और बेहतर देखभाल के साथ बकरी पालन को नियमित आजीविका का माध्यम बना लिया।

शुरुआत में 10 बकरी और एक बकरे से शुरू हुआ सफर आज 40 से अधिक बकरियों तक पहुंच गया है। पशुओं के समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी सलाह से पशुधन सुरक्षित रहा और उनका कारोबार लगातार बढ़ता गया। इससे परिवार की मासिक आय भी बढ़कर करीब 18 हजार रुपये हो गई।

बकरी पालन से मिली अतिरिक्त आमदनी से प्रमिला ने पक्का मकान बनवाया और अपनी बेटी की शादी भी सफलतापूर्वक संपन्न कराई। वह बताती हैं कि शासकीय योजना, विभागीय मार्गदर्शन और मेहनत ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी।

आज प्रमिला क्षेत्र में सफल पशुपालक के रूप में पहचान बना चुकी हैं। उनका सफर बताता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भरता की राह बनाई जा सकती है।