चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) पचपेड़ी नवीन शासकीय महाविद्यालय पचपेड़ी के प्रस्तावित भवन निर्माण स्थल को बदलने के प्रयास के विरोध में ग्राम पंचायत पचपेड़ी एवं क्षेत्रवासियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि महाविद्यालय भवन का निर्माण पूर्व में ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि पर ही कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भवन निर्माण स्थल बदलने का कोई भी प्रयास क्षेत्र की जनता को स्वीकार नहीं होगा।

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि पचपेड़ी शासकीय महाविद्यालय पिछले तीन वर्षों से शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भवन में संचालित हो रहा है। महाविद्यालय के स्थायी भवन के लिए ग्राम पंचायत ने 26 अप्रैल 2025 को विधिवत प्रस्ताव पारित कर आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई थी, जिस पर किसी भी विभाग अथवा स्थानीय नागरिक ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। इसके बावजूद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मस्तूरी द्वारा निर्माण स्थल बदलने की प्रक्रिया किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसका ग्राम पंचायत और क्षेत्रवासियों ने एक स्वर में विरोध किया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि महाविद्यालय भवन का निर्माण पचपेड़ी के स्थान पर अन्यत्र किया जाता है तो क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इससे वर्षों पुरानी जनभावनाओं की भी उपेक्षा होगी। ग्राम पंचायत ने जिला प्रशासन से जनहित और विद्यार्थियों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाविद्यालय भवन का निर्माण पचपेड़ी में ही कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं अन्य शांतिपूर्ण आंदोलन किए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच चंद्र प्रकाश कुर्रे, उपसरपंच करण टंडन सहित रमेश सूर्यकांत, देवेंद्र जायसवाल, विजय नामदेव, ईश्वर महिलांगे, राजेश गुप्ता, सतानंद, दिव्या, सुरेंद्र, मधुकर, रंजीत राय, नीतीश कुर्रे, समीर रत्नाकर, टिकेंद्र मधुकर, सोमेश्वर लहरे, किसान मधुकर, राजू राठे, सुरेश कुर्रे, कौशल कुर्रे, मंसाराम शांडिल्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।