धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा)त्योहारी सीजन में इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की खबर सामने आई है। 1 अक्टूबर 2026 से एयर कंडीशनर (AC), LED TV, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम बढ़ने की संभावना है। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग कंपनियां और उत्पाद श्रेणियां 8 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा सकती हैं, जबकि कुछ विशेष टीवी श्रेणियों में बढ़ोतरी इससे भी अधिक हो सकती है। 

मुख्य वजह कॉपर की कीमतों में 25-35% उछाल

कीमत बढ़ने के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में कॉपर की बढ़ती कीमतें शामिल हैं। उद्योग के अनुसार कॉपर के दाम पिछले साल करीब 8,000-9,000 डॉलर प्रति मीट्रिक टन से बढ़कर लगभग 14,500 डॉलर प्रति मीट्रिक टन तक पहुंच गए हैं। डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया के अनुसार कॉपर की कीमतों में करीब 25-35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। AC निर्माण में कॉपर का महत्वपूर्ण इस्तेमाल होता है और एक AC में लगभग 3-4 किलोग्राम कॉपर लग सकता है। 


इसके अलावा एल्यूमीनियम, स्टील, कच्चे तेल से जुड़े उत्पाद, माल ढुलाई (फ्रेट) और मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव भी कंपनियों की लागत बढ़ा रहे हैं। 

किस किस उत्पादों पर कितनी बढ़ोतरी का अनुमान?

AC: में वृद्धि लगभग 5-8% तक

LED TV: कई कंपनियों में 3-4%, जबकि कुछ कंपनियां करीब 7% बढ़ोतरी की तैयारी में

फ्रिज: कुछ कंपनियों में करीब 3-4% तक

वॉशिंग मशीन: करीब 3-4% तक

अन्य अप्लायंसेज: कंपनी और श्रेणी के अनुसार करीब 2-5% या उससे अधिक

📺 छोटे स्क्रीन वाले TV: कुछ उद्योग अनुमानों में 20% तक बढ़ोतरी की संभावना

📺 बड़े स्क्रीन वाले TV: स्क्रीन साइज के अनुसार 10% तक बढ़ोतरी का अनुमान 

ध्यान रहे: ये पूरे बाजार के लिए एक समान तय बढ़ोतरी नहीं है। वास्तविक वृद्धि ब्रांड, मॉडल, स्टॉक और कंपनी के मूल्य निर्धारण के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।कंपनियां पहले ही बढ़ा चुकी हैं कीमतें

रिपोर्ट के अनुसार कुछ प्रमुख कंपनियों ने 4-10% तक विभिन्न श्रेणियों में कीमत बढ़ाने की पुष्टि की है। डाइकिन ने 16 सितंबर से AC की कीमतों में 8-10% तक वृद्धि की है, जबकि हायर ने 1 अक्टूबर से AC की कीमत लगभग 5% बढ़ाने की योजना बताई है। हायर ने LED TV, वॉशिंग मशीन और अन्य श्रेणियों में 2-3% वृद्धि की भी पुष्टि की है। 

पुराने स्टॉक से कुछ समय मिल सकती है राहत

अगस्त और सितंबर में डीलरों एवं वितरकों द्वारा पुरानी कीमतों पर खरीदा गया स्टॉक बाजार में उपलब्ध होने के कारण कुछ उत्पादों पर नई कीमतों का असर तुरंत दिखाई न देने की संभावना है। उद्योग के एक अनुमान के मुताबिक यह पुराना स्टॉक करीब एक से डेढ़ महीने तक चल सकता है। 


यानी 1 अक्टूबर से नई कीमतों का दबाव शुरू होने की संभावना है, लेकिन हर उत्पाद और हर ब्रांड पर एक जैसी वृद्धि लागू नहीं होगी।