भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा)जीवित भू-विस्थापितों को कागजों में मृत दर्शाने का महा-घोटाला: नगर निगम कोरबा को 15 दिन का अल्टीमेटम, 30 सितंबर को होगा अनिश्चितकालीन घेराव

SECL कुसमुंडा-दीपका के पीड़ित भू-विस्थापित रामरतन एवं भोला के कूट-रचित मृत्यु प्रमाण-पत्रों पर जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को वैधानिक नोटिस।


तहसीलदार कटघोरा के पत्र (दिनांक 11.09.2026) के बाद भी निगम प्रशासन मौन, फर्जी मृत्यु प्रविष्टियों को तत्काल निरस्त करने की मांग।

सामाजिक कार्यकर्ता गणपत शर्मा का अल्टीमेटम: 29 सितंबर तक धारा 15 के तहत कार्रवाई न होने पर 30 सितंबर को नगर निगम कोरबा का होगा तालाबंदी/घेराव।


कोरबा (छ.ग.): दक्षिण पूर्व कोयला क्षेत्र लिमिटेड (SECL) कुसमुंडा एवं दीपका कोयला परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के एवज में मिलने वाले विस्थापित रोजगार व मुआवजे को हड़पने हेतु जीवित भू-स्वामियों के नाम पर कूट-रचित मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने का अत्यंत गंभीर और आपराधिक मामला सामने आया है। पीड़ित विस्थापितों— रामरतन पिता जेठू एवं भोला पिता गिरधारी के अधिकृत प्रतिनिधि व आरटीआई एक्टिविस्ट गणपत शर्मा ने नगर पालिक निगम कोरबा के जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 की धारा 15 के तहत अंतिम अल्टीमेटम नोटिस प्रेषित किया है।


तहसीलदार कटघोरा के पत्र के बाद भी विभागीय निष्क्रियता:

गणपत शर्मा ने बताया कि तहसीलदार कटघोरा द्वारा पत्र क्रमांक 982/तह./वाचक-1/2026 (दिनांक 19.8.2026 एवं 11.09.2026) के माध्यम से नगर निगम कोरबा को फर्जी मृत्यु पंजीयन पर विधिसम्मत वैधानिक कार्रवाई हेतु ध्यान आकर्षित किया गया है। इसके बावजूद जन्म-मृत्यु शाखा द्वारा मूल आवेदनों, फर्जी शपथ-पत्रों और कूट-रचना करने वाले बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई करने में शिथिलता बरती जा रही है।


प्रेस वार्ता में गणपत शर्मा द्वारा उठाए गए मुख्य सवाल:

साजिश का मुख्य सूत्रधार कौन? सशरीर जीवित व्यक्तियों (रामरतन एवं भोला) को मृत दर्शाने के लिए निगम कार्यालय में आवेदन किसने जमा किया, झूठे गवाह कौन थे और सत्यापन अधिकारी ने किस आधार पर प्रमाण-पत्र जारी किया?


26 वर्षों की धोखाधड़ी पर : पीड़ितों द्वारा जानबूझकर कोई प्रशासनिक देरी नहीं की गई है। बिचौलियों ने उन्हें वर्षों तक अंधेरे में रखा। सर्वोच्च न्यायालय के सिद्धांतों के तहत कूट-रचना प्रारंभ से ही शून्य होती है, जिस पर परिसीमा का नियम लागू नहीं होता।


SECL में रोजगार की बंदरबांट: जीवित किसानों को कागजों में मृत घोषित कर फर्जी वंशावली के आधार पर अपात्रों को SECL में नौकरियां और पुनर्वास लाभ दिलाए गए हैं।


30 सितंबर 2026 समय 11 बजे नगर निगम कोरबा के समक्ष तालाबंदी एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल

गणपत शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 15 दिवस के भीतर (29 सितंबर 2026 तक) धारा 15 के तहत फर्जी मृत्यु प्रविष्टियों को निरस्त कर दोषियों पर FIR की अनुशंसा नहीं की जाती है, तो:


"पीड़ित विस्थापित किसानों, प्रभावित ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ दिनांक 30 सितंबर 2026 को नगर पालिक निगम कोरबा कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना, तालाबंदी एवं उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान उत्पन्न होने वाले समस्त प्रशासनिक व्यवधान और जन-आक्रोश की संपूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।"


जारीकर्ता: (गणपत शर्मा) सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट अधिकृत प्रतिनिधि – रामरतन पिता जेठू एवं भोला पिता गिरधारी ग्राम – बीरगहनी, जिला – जांजगीर-चांपा (छ.ग.) मोबाइल: 9977317148 | ई-मेल: ganpatchampa@gmail.com