कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) बेलपत उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि चार ग्राम पंचायत—बेलपत, डुगरा, उमरखोही और करगी खुर्द—की गर्भवती महिलाओं के लिए प्रत्येक माह 9 एवं 24 तारीख को स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था निर्धारित है, लेकिन आज तक किसी महिला चिकित्सक की नियमित उपस्थिति नहीं हो सकी है। इससे गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र बेलपत में डॉ. पी.एस. कुर्रे की पदस्थापना होने के बावजूद वे वर्षों से केंद्र में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते। वहीं क्षेत्र में मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।

बताया गया कि इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. रामेश्वर शर्मा से चर्चा करने पर उन्होंने कहा कि केंद्र में मरीज नहीं आते तथा पदस्थ डॉक्टर शिविरों में ड्यूटी करते हैं। इस जवाब पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं स्वास्थ्य समिति के सदस्य अजीत सिंह पेंद्रो तथा बेलपत सरपंच इंद्राज पैकरा ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने, महिला चिकित्सक की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने तथा डॉक्टरों की कथित मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है।