तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह के नेतृत्व में ‘प्लास्टिक मुक्त,स्वच्छ,सुंदर एवं हरित बेलपान’ अभियान को मिली नई ऊर्जा

चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर
(बिलासपुर) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विकासखंड तखतपुर के ऐतिहासिक ग्राम बेलपान में "प्लास्टिक मुक्त, स्वच्छ, सुंदर एवं हरित बेलपान" थीम पर भव्य जनजागरूकता एवं संकल्प अभियान का आयोजन किया गया। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, महिला स्व-सहायता समूहों, विद्यार्थियों, स्वच्छता दीदियों तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, हरियाली और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देकर ही सतत विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग त्यागने तथा स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, जनपद पंचायत तखतपुर अध्यक्ष माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, नर्मदा उत्थान समिति बेलपान के सदस्य एवं वरिष्ठ नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।

सामूहिक शपथ के साथ हुआ अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। स्कूली विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वच्छता दीदियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। उपस्थित जनसमुदाय ने स्वच्छ और हरित ग्राम निर्माण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता व्यक्त की।
श्रमदान और स्वच्छता अभियान में दिखी जनभागीदारी
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम बेलपान में व्यापक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक परिसरों, गलियों तथा तालाबों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाकर कचरा एकत्रित किया गया। ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने स्वयं आगे बढ़कर स्वच्छ वातावरण निर्माण में योगदान दिया। इस अभियान ने सामुदायिक सहभागिता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।
डस्टबिन वितरण से कचरा पृथक्करण को मिलेगा बढ़ावा
स्वच्छता एवं वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण संबंधी संदेशों के साथ टिकाऊ टीन के डस्टबिन वितरित किए गए। लोगों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा घर स्तर पर कचरा प्रबंधन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। यह पहल ग्राम स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सीड बॉल रोपण और पौध वितरण से हरियाली का संदेश
पर्यावरण संरक्षण की हरित पहल के अंतर्गत सीड बॉल रोपण किया गया तथा विद्यार्थियों को पौधे वितरित किए गए। बच्चों और युवाओं को प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर बनाई गई पर्यावरण दिवस की आकर्षक कलाकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही और उसने पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया।
महिला समूहों और सामाजिक संगठनों का हुआ सम्मान
पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महिला स्व-सहायता समूहों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के अभियान को नई दिशा और गति मिल रही है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की दी गई जानकारी
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी नियमों एवं प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि कचरे का स्रोत स्तर पर ही गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष श्रेणी में पृथक्करण आवश्यक है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कंपोस्टिंग इकाइयों, बायोगैस संयंत्रों एवं मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की उपयोगिता के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्वच्छता नियमों के पालन और जनसहभागिता पर दिया गया बल
ग्राम सभा में खुले में कचरा फेंकने एवं जलाने से होने वाले पर्यावरणीय दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए स्वच्छता नियमों के पालन की आवश्यकता बताई गई। पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
स्वच्छता रैली के साथ लिया हरित भविष्य का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर स्वच्छता दीदियों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों द्वारा स्वच्छता रैली निकाली गई। सभी उपस्थित नागरिकों ने विश्व पर्यावरण दिवस के संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने तथा स्वच्छ, सुंदर, हरित और प्लास्टिक मुक्त बिलासपुर के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।