आशीष कुमार साहू रिपोर्टर मस्तूरी बिलासपुर

(बिलासपुर-मल्हार) राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय एकता शिविर में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर बद्री प्रसाद देवांगन मध्यनगरीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मल्हार के छात्र एवं एनएसएस स्वयंसेवक केशर कैवर्त ने प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

देश के 12 राज्यों से चयनित प्रतिभागियों के मध्य छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए केशर ने राज्य की संस्कृति, लोक परंपराओं एवं सामाजिक मूल्यों का प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक विविधता, लोक कलाओं एवं पारंपरिक त्योहारों के लिए देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है।

अपने संबोधन में उन्होंने हरेली, तीजा, पोला, छेरछेरा, नवाखाई एवं मातर जैसे प्रमुख त्योहारों की जानकारी देते हुए उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही पंथी, राउत नाचा, सुआ, करमा एवं गेड़ी नृत्य जैसी लोक कलाओं की विशेषताओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

राष्ट्रीय एकता शिविर के अनुभव साझा करते हुए केशर ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों के साथ रहकर उनकी भाषा, संस्कृति, वेशभूषा एवं परंपराओं को जानने का अवसर मिला। इस शिविर ने “विविधता में एकता” की भावना को और अधिक सशक्त रूप से समझने का अवसर प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह अनुभव उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा तथा उन्हें अपने राज्य और देश के प्रति और अधिक समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तथा क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केशर कैवर्त को शुभकामनाएं दी हैं।