चंद्र कुमार निणे॔जक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में राज्य के न्यायिक अधिकारियों के लिए डिजिटल न्यायिक प्लेटफॉर्म पर एक व्यापक राज्यव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों को आधुनिक डिजिटल न्यायिक प्रणालियों के प्रभावी संचालन, तकनीकी दक्षता तथा नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाना रहा।

रविवार, 19 जुलाई 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण में राज्य के जिला एवं सत्र न्यायालयों, तहसील न्यायालयों, परिवार न्यायालयों तथा प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान न्याय श्रुति (Nyaya Shruti), ई-साक्ष्य (eSakshya), ई-समन (eSummons), ई-चालान (eChallan), क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (CCTNS) तथा इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) जैसे डिजिटल न्यायिक प्लेटफॉर्म के उपयोग एवं संचालन की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला में डिजिटल साक्ष्य के बढ़ते महत्व, तकनीक आधारित न्यायिक प्रक्रियाओं, न्यायालयीन अभिलेखों के डिजिटलीकरण, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समन तामील, ई-चालान के प्रसंस्करण तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया। न्यायिक संसाधन व्यक्तियों (Judicial Resource Persons) ने अधिकारियों को इन प्रणालियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करते हुए दैनिक न्यायिक कार्यों में इनके प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल विकसित किए।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का यह राज्यव्यापी प्रशिक्षण अभियान न्यायपालिका के डिजिटलीकरण और न्यायिक अधिकारियों के सतत क्षमता-विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। न्यायालय का उद्देश्य आधुनिक डिजिटल तकनीकों के अधिकतम उपयोग के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी, दक्ष एवं तकनीक-सक्षम बनाना है, ताकि न्याय प्रणाली से जुड़े सभी हितधारकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और समयबद्ध न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।