कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम 

       (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही)छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण नहीं करने वाले सेवारत शासकीय शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत ऐसे शिक्षकों के लिए वर्ष में न्यूनतम दो बार विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पद्धति से आयोजित होगी। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है। जिन सेवारत शासकीय शिक्षकों की सेवा अवधि पांच वर्ष या उससे अधिक शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने अथवा पदोन्नति के लिए संबंधित स्तर की टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। 

         विशेष परीक्षा के आयोजन से प्रदेश के लगभग 60 हजार से अधिक ऐसे सेवारत शासकीय शिक्षकों को लाभ मिलेगा, जिनकी सेवा निरंतरता टीईटी उत्तीर्ण नहीं होने के कारण प्रभावित हो रही थी। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। राज्य शासन ने सेवारत शिक्षकों सहित अन्य अभ्यर्थियों के लिए सामान्य टीईटी परीक्षा भी वर्ष में कम से कम एक बार आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया जाएगा। शासन के इस निर्णय से शिक्षकों को पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के अधिक अवसर मिलेंगे तथा उनकी सेवा निरंतरता एवं पदोन्नति संबंधी पात्रता प्राप्त करने में सुविधा होगी।