सदानंद कुमार प्रउहा सह-संपादक डीएम इंडिया न्यूज़ (कोरबा) पोड़ी उपरोड़ा और पसान विकासखंड के रानी अटारी–कोरबी मार्ग की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। करीब 18 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे और मलबा जमा होने से बसों का संचालन प्रभावित हो गया है। इसका असर पिपरिया, सीपत, जल्के, विजयडांड, तनेरा, हरदेव, सरमा सहित 20 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों, विद्यार्थियों और यात्रियों पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, पेंड्रा, कटघोरा, कोरबा, बिलासपुर और रायपुर जाने का प्रमुख संपर्क मार्ग है। लेकिन सड़क की जर्जर हालत के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। सीपत पंचायत के पास लगभग 400 मीटर हिस्से में अब तक डामरीकरण नहीं होने से पुलिया पर मलबा जमा रहता है, जिससे आए दिन बाइक और चारपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं।


3 जुलाई की रात करीब 10 बजे आदर्श बस इसी मार्ग पर मलबे में फंस गई। काफी प्रयास के बाद भी बस नहीं निकल सकी, जिसके बाद चालक को बस वापस मोड़कर सरमा–कोरबी मार्ग से चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ ले जाना पड़ा। बस चालक ने चेतावनी दी कि यदि सड़क की शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो इस मार्ग पर बस संचालन बंद करना पड़ेगा।


ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2022-23 में सड़क का नवीनीकरण किया गया था, लेकिन निर्माण के कुछ ही दिनों बाद सड़क उखड़ गई और अब फिर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं, वर्ष 2016 में एसईसीएल द्वारा सड़क के रखरखाव का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी सुधार कार्य नहीं किया गया है।


ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और एसईसीएल से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बरसात के दौरान बस सेवा पूरी तरह बंद होने के साथ किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।