देवेन्द्र कुमार खूंटे रिपोर्टर कोरबा

(कोरबा)सावन की रिमझिम फुहार, प्रकृति की हरियाली और साहित्य की मधुर सरगम के बीच सन् 1981 में ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा "नवरंग" द्वारा बालको नगर कोरबा में स्थापित संकेत साहित्य समिति की जिला इकाई कोरबा द्वारा श्रावणी काव्य गोष्ठी का आयोजन पं. मुकुटधर पांडे साहित्य भवन में किया गया। कार्यक्रम में जिले के बड़ी संख्या में साहित्यकारों ने सहभागिता की और श्रावण मास की भावनाओं को अपनी - अपनी रचनाओं में पिरोकर काव्य की मनोहारी छटा बिखेरी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुकुटधर पांडे साहित्य भवन समिति के संरक्षक यूनुस दानियालपुरी ने की। इस अवसर पर संकेत साहित्य समिति के अध्यक्ष कमलेश यादव, सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा, मुकुटधर पांडे साहित्य भवन समिति के संरक्षक मुकेश चतुर्वेदी, अध्यक्ष दिलीप अग्रवाल, उपाध्यक्ष बलराम राठौर, पूरनचंद पटेल एवं वीणा मिस्री मंचासीन रहे। मां सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा - अर्चना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कविता जैन ने सुमधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मंचासीन अतिथियों एवं वरिष्ठ साहित्यकारों का स्वागत बैज लगाकर किया गया।

संकेत साहित्य समिति के सचिव डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा ने समिति की गतिविधियों एवं साहित्यिक यात्रा का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान मुकेश चतुर्वेदी एवं कमलेश यादव ने समिति के गठन से लेकर वर्तमान समय तक की साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए समिति के पुराने सदस्यों एवं साहित्य सेवियों के योगदान को स्मरण किया।

काव्य गोष्ठी में साहित्यकारों ने सावन की हरियाली, वर्षा, प्रकृति, प्रेम और मानवीय संवेदनाओं को अपनी कविताओं में खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। गीत, ग़ज़ल और हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं की खूब वाह-वाही बटोरी। इसके साथ ही कवियों ने समसामयिक विषयों पर भी प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कर साहित्य के सामाजिक सरोकारों को स्वर दिया।

काव्य पाठ करने वालों में अनुसूइया श्रीवास, सरस्वती श्रीवास, अर्चना साहू, रश्मि श्रीवास, संतोष साहू, धरम सिंह साहू, मनीष मुसाफिर, राधेश्याम साहू, कविता जैन, संतोष मिरी, जीतेंद्र कुमार वर्मा ‘खैरझिटिया’, डॉ. के.के. चन्द्रा, बलराम राठौर, दिलीप अग्रवाल, पूरनचंद पटेल, मुकेश चतुर्वेदी, यूनुस दानियालपुरी, देवेंद्र सिंह राजपूत, शनि प्रधान एवं वीणा मिस्री सहित अन्य साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी। भरत साहू, आर एस श्रीवास व जैन जी स्रोता जे रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जीतेंद्र कुमार वर्मा ‘खैरझिटिया’, कविता जैन एवं धरम साहू ने किया। अंत में बलराम राठौर ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सावन की सौंधी महक और काव्य की मधुर रसधार से सजी यह श्रावणी काव्य गोष्ठी कोरबा के साहित्यिक परिदृश्य में एक यादगार आयोजन बन गई।



सचिव

डॉ. कृष्ण कुमार चन्द्रा

संकेत साहित्य समिति 

कोरबा