धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा)नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के वार्ड क्रमांक 29 नरईबोध गेवरा बस्ती की पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अमिला पटेल ने ग्राम नरईबोध के भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं कोरबा जिला प्रभारी मंत्री अरुण साव को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एसईसीएल गेवरा परियोजना के खदान विस्तार से प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा, पुनर्वास में हो रही देरी तथा आंदोलनरत ग्रामीणों पर कथित दंडात्मक कार्रवाई का मुद्दा उठाया गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि खदान गांव के बेहद निकट पहुंच चुकी है, जिससे प्रतिदिन होने वाली ब्लास्टिंग के कारण मकानों में दरारें आ रही हैं और पत्थर गिरने की घटनाओं से ग्रामीण भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। आरोप लगाया गया कि लंबे समय से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले भू-विस्थापितों पर भारी पेनाल्टी और झूठी एफआईआर दर्ज कर दबाव बनाया जा रहा है। ज्ञापन में पुनर्वास कार्य की समयबद्ध योजना लागू करने, गांव के समीप हो रही ब्लास्टिंग पर रोक लगाने, क्षतिग्रस्त मकानों का निष्पक्ष सर्वे कर उचित मुआवजा देने तथा ग्रामीणों पर की गई कथित दंडात्मक कार्रवाई और एफआईआर निरस्त करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही पार्षद अमिला पटेल ने एसईसीएल गेवरा के मुख्य महाप्रबंधक की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए दमनकारी रवैये का आरोप लगाया। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीएमडी एसईसीएल बिलासपुर, खान सुरक्षा महानिदेशक एवं संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।