चंद्र कुमार निर्णेजक जिला ब्यूरो चीफ बिलासपुर

(बिलासपुर) हरिओम हॉस्पिटल में उपचार के दौरान एक आदिवासी महिला की मृत्यु के बाद कथित रूप से शव रोककर अतिरिक्त राशि मांगने के आरोप को लेकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल प्रबंधन और डॉ. अभिषेक कश्यप के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, मजिस्ट्रियल जांच कराने तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम नेउर निवासी तिलबसिया (गोंड) पेड़ काटने के दौरान घायल हो गई थीं। उन्हें 25 जुलाई 2026 को बिलासपुर के हरिओम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 28 जुलाई को उनकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि परिजनों द्वारा ₹21,780 जमा करने के बावजूद अस्पताल ने ₹84,700 की अतिरिक्त राशि की मांग करते हुए शव देने से इंकार कर दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मृतका के पति जगन्नाथ आर्थिक रूप से कमजोर हैं और राशि की व्यवस्था के लिए गांव लौटे थे। इस दौरान कथित रूप से शव लगभग दो दिन तक अस्पताल में ही रखा गया। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में मर्चूरी की सुविधा नहीं होने के बावजूद शव को जिला अस्पताल या सिम्स मेडिकल कॉलेज नहीं भेजा गया, जो गंभीर लापरवाही है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मृतका का आयुष्मान कार्ड बना हुआ था। ऐसे में धन की मांग और शव रोकने के मामले की आयुष्मान योजना के प्रावधानों के तहत भी जांच कराने की मांग की गई है।

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि गरीब आदिवासी परिवार के साथ हुआ कथित व्यवहार मानवता को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी।

प्रतिनिधिमंडल में लक्ष्मी साहू, संतोष गर्ग, जीतू यादव, दीपक कौशिक, महेश सिंह ठाकुर, अमित दुबे सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।