विधायक उत्तरी जांगड़े के औचक निरीक्षण में आश्रम और छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां उजागर, बोलीं—भाजपा सरकार में अधिकारियों की तानाशाही चरम सीमा पर
राजकमल अग्रवाल जिला ब्यूरो चीफ़ सारंगढ़-बिलाईगढ़
(सारंगढ़-बरमकेला)सुदूर वनांचल क्षेत्र में संचालित अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम शाला झाल एवं प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास बिरनीपाली का विधायक उत्तरी जांगड़े ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की कम उपस्थिति, स्वच्छता, पेयजल, अभिलेख संधारण, सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था से जुड़ी कई कमियां सामने आने का दावा किया गया। विधायक ने इन व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों और अधीक्षकों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
सहायक आयुक्त बद्रीश प्रसाद सुखदेवे का ‘गोरखधंधा पार्ट-2’!
विधायक उत्तरी जांगड़े ने निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थितियों को लेकर सहायक आयुक्त बद्रीश प्रसाद सुखदेवे पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पूरे मामले को “गोरखधंधा पार्ट-2” बताते हुए कहा कि पूर्व में भी उनके द्वारा क्षेत्र के विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों का निरीक्षण किए जाने पर कई अनियमितताएं सामने आई थीं, लेकिन संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक का आरोप है कि पूर्व में निरीक्षण के बाद मामला उजागर होने के बावजूद सहायक आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों के हौसले बढ़े हैं और अब सुदूर वनांचल के आश्रम एवं छात्रावासों में भी व्यवस्थाओं की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बच्चों के लिए पर्याप्त बजट और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर यदि बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
झाल आश्रम में अधीक्षक के पति रात्रि में ठहरते हैं, सुरक्षा पर सवाल
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला अनुसूचित जनजाति कन्या आश्रम शाला झाल से जुड़ा सामने आया। विधायक के अनुसार आश्रम की अधीक्षक श्रीमती खिलेश्वरी नायक के पति मनोज नायक रात्रि में आश्रम परिसर में ठहरते हैं और पहरा देते हैं।
कन्या आश्रम में अधीक्षक के पति का रात्रि में ठहरना बच्चों की सुरक्षा, निजता और संस्थागत नियमों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विधायक ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले की विभागीय जांच आवश्यक है।
90 दर्ज बच्चों में केवल 44 उपस्थित
आश्रम शाला झाल में कुल 90 बच्चों की दर्ज संख्या बताई गई, लेकिन निरीक्षण के दौरान केवल 44 बच्चे उपस्थित मिले। आश्रम में बच्चों के आवक-जावक का समुचित रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं होने की बात विधायक ने कही।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दर्ज संख्या 90 है तो बड़ी संख्या में बच्चे अनुपस्थित क्यों हैं और उनका रिकॉर्ड कहां है? इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की गई।
50 सीटर बिरनीपाली छात्रावास में केवल 7 बच्चे उपस्थित
प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास बिरनीपाली में 50 सीटों के मुकाबले केवल 19 बच्चों की दर्ज संख्या बताई गई, जबकि निरीक्षण के दौरान मात्र 7 बच्चे उपस्थित मिले।
छात्रावास में मौजूद बच्चों ने बताया कि दर्ज 19 बच्चों में से करीब 10 बच्चे स्थानीय हैं और छात्रावास में निवास नहीं करते। इससे छात्रावास की वास्तविक स्थिति, प्रवेश प्रक्रिया और उपस्थिति रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठे हैं।
अधीक्षक रात्रि में छात्रावास में नहीं रहते
बिरनीपाली छात्रावास के अधीक्षक के रात्रि में छात्रावास में नहीं रहने की बात भी सामने आई। विधायक ने कहा कि सुदूर क्षेत्र में संचालित बालक छात्रावास में रात के समय अधीक्षक की मौजूदगी और विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दिन उपस्थिति दर्ज करने के तरीके पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि बच्चों की उपस्थिति-अनुपस्थिति अलग पेन से दर्ज की गई। वहीं, स्टाफ पंजी मांगे जाने पर निरीक्षण के दौरान प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
शौचालय और पानी की टंकी में गंदगी, मच्छरदानी का उपयोग नहीं
छात्रावास की स्वच्छता व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। शौचालय में गंदगी तथा पानी की टंकी में गंदगी पाए जाने की बात कही गई। बच्चों द्वारा मच्छरदानी का उपयोग नहीं किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
विधायक ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी इन मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी गंभीर विषय है और विभाग को तत्काल व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
सहायक आयुक्त के मौखिक आदेश पर तीन दैनिक मजदूर रखने का आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि सहायक आयुक्त बद्रीश प्रसाद सुखदेवे के मौखिक आदेश पर झाल आश्रम में बिलासपुर जिले के तीन दैनिक मजदूरों को रखा गया है। उन्होंने इस व्यवस्था की प्रक्रिया, नियुक्ति और आवश्यकता की जांच की मांग की।
एक साल से निरीक्षण नहीं होने का दावा
विधायक ने कहा कि जानकारी के अनुसार सहायक आयुक्त एवं विकासखंड प्रभारी शिखर नायक द्वारा पिछले करीब एक वर्ष से आश्रम शाला झाल का निरीक्षण नहीं किया गया। वहीं बिरनीपाली छात्रावास का भी जुलाई सत्र से सहायक आयुक्त तथा बरमकेला प्रभारी शिखर नायक द्वारा निरीक्षण नहीं किए जाने का दावा किया गया।
विधायक ने कहा कि वनांचल क्षेत्र के आश्रम और छात्रावासों की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। अधिकारियों द्वारा लंबे समय तक निरीक्षण नहीं किए जाने से व्यवस्थाओं में लापरवाही की शिकायतों को बढ़ावा मिल सकता है।
भाजपा सरकार में अधिकारियों की तानाशाही चरम सीमा पर”
विधायक उत्तरी जांगड़े ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “भाजपा सरकार में अधिकारियों की तानाशाही चरम सीमा पर पहुंच गई है।” उनका आरोप है कि अधिकारियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने के कारण सुदूर क्षेत्रों में संचालित आश्रम एवं छात्रावासों की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उनके द्वारा कई स्थानों पर औचक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं को सामने लाया गया था। उन मामलों के उजागर होने के बाद भी यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे शासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
“कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से सदन तक आंदोलन”
विधायक उत्तरी जांगड़े ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सहायक आयुक्त सहित संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा। विधायक ने कहा कि वनांचल क्षेत्र के आदिवासी बच्चों के अधिकारों और सुविधाओं की लड़ाई को मजबूती से उठाया जाएगा।
औचक निरीक्षण के बाद सामने आए इन आरोपों ने आश्रम एवं छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब मामले में विभागीय जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डीएम इंडिया न्यूज़ वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं द्वारा
प्रस्तुत की गई सामग्री, समाचार, फ़ोटो, वीडियो आदि के लिए हम किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते हैं। हमारे द्वारा प्रकाशित की गई सामग्री की जिम्मेदारी संबंधित संवाददाता या खबर देने वाले की होगी ।
डीएम इंडिया न्यूज़ और उसके स्वामी, मुद्रक,प्रकाशक, संपादक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी से मुक्त होंगे, और किसी भी विवाद का समाधान केवल कोरबा, छत्तीसगढ़ न्यायालय क्षेत्र में
किया जाएगा। हमारी वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं तक शिक्षा और जानकारी पहुंचाना है। हम जो सामग्री प्रकाशित करते हैं (जैसे टेक्स्ट,फ़ोटो, वीडियो, लिंक आदि), वह पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध हो सकती है।
हमारा उद्देश्य केवल उपयोगकर्ताओं तक जानकारी पहुंचाना है। हम
DMCA के नियमों का पालन करते हैं। यदि किसी उपयोगकर्ता को लगता है कि उनकी कॉपीराइट सामग्री हमारी वेबसाइट पर पाई गई है, तो वे हमसे संपर्क करके इसे आसानी से हटवा सकते हैं।
डीएम इंडिया न्यूज़ वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं द्वारा
प्रस्तुत की गई सामग्री, समाचार, फ़ोटो, वीडियो आदि के लिए हम किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते हैं। हमारे द्वारा प्रकाशित की गई सामग्री की जिम्मेदारी संबंधित संवाददाता या खबर देने वाले की होगी ।
डीएम इंडिया न्यूज़ और उसके स्वामी, मुद्रक,प्रकाशक, संपादक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी से मुक्त होंगे, और किसी भी विवाद का समाधान केवल कोरबा, छत्तीसगढ़ न्यायालय क्षेत्र में
किया जाएगा। हमारी वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं तक शिक्षा और जानकारी पहुंचाना है। हम जो सामग्री प्रकाशित करते हैं (जैसे टेक्स्ट,फ़ोटो, वीडियो, लिंक आदि), वह पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध हो सकती है।
हमारा उद्देश्य केवल उपयोगकर्ताओं तक जानकारी पहुंचाना है। हम
DMCA के नियमों का पालन करते हैं। यदि किसी उपयोगकर्ता को लगता है कि उनकी कॉपीराइट सामग्री हमारी वेबसाइट पर पाई गई है, तो वे हमसे संपर्क करके इसे आसानी से हटवा सकते हैं।
डीएम इंडिया न्यूज़ वेबसाइट पर उपयोगकर्ताओं द्वारा
प्रस्तुत की गई सामग्री, समाचार, फ़ोटो, वीडियो आदि के लिए हम किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते हैं। हमारे द्वारा प्रकाशित की गई सामग्री की जिम्मेदारी संबंधित संवाददाता या खबर देने वाले की होगी ।
डीएम इंडिया न्यूज़ और उसके स्वामी, मुद्रक,प्रकाशक, संपादक किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी से मुक्त होंगे, और किसी भी विवाद का समाधान केवल कोरबा, छत्तीसगढ़ न्यायालय क्षेत्र में
किया जाएगा। हमारी वेबसाइट का मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं तक शिक्षा और जानकारी पहुंचाना है। हम जो सामग्री प्रकाशित करते हैं (जैसे टेक्स्ट,फ़ोटो, वीडियो, लिंक आदि), वह पहले से इंटरनेट पर उपलब्ध हो सकती है।
हमारा उद्देश्य केवल उपयोगकर्ताओं तक जानकारी पहुंचाना है। हम
DMCA के नियमों का पालन करते हैं। यदि किसी उपयोगकर्ता को लगता है कि उनकी कॉपीराइट सामग्री हमारी वेबसाइट पर पाई गई है, तो वे हमसे संपर्क करके इसे आसानी से हटवा सकते हैं।