भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा)केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिनांक 15.09.2026 को आईआईटी कानपुर के साथ साइबर सुरक्षा तथा ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।

साइबर सुरक्षा समझौते के तहत सीआईएसएफ कर्मियों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक्स, साइबर घटना प्रतिक्रिया, आपदा प्रबंधन एवं उभरते साइबर खतरों से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।


ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन समझौते के माध्यम से यूएवी संचालन, ड्रोन फोरेंसिक्स एवं काउंटर-यूएएस तकनीक में प्रशिक्षण, संयुक्त अनुसंधान, उन्नत सिमुलेटर एवं फोरेंसिक सुविधाओं के विकास तथा स्वदेशी तकनीकी समाधानों को बढ़ावा दिया जाएगा।


कोयला खनन क्षेत्र के संदर्भ में इन समझौता ज्ञापनों का विशेष महत्व है। कोयला खदानों में बड़े भू-भाग, ओपनकास्ट माइनिंग क्षेत्र, कोयला स्टॉक, कन्वेयर सिस्टम, वर्कशॉप, विद्युत प्रतिष्ठान तथा अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से खनन क्षेत्रों की व्यापक निगरानी, संवेदनशील स्थानों की हवाई निगरानी तथा संदिग्ध गतिविधियों की त्वरित पहचान में सहायता मिल सकती है। 


इस अवसर पर सीआईएसएफ प्रमुख ने इस पहल को एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा तथा ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन तकनीक का समावेश वर्तमान समय की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि कोयला खनन क्षेत्र में इन तकनीकों के प्रभावी उपयोग से विशाल खनन क्षेत्रों की निगरानी, महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा तथा संभावित सुरक्षा चुनौतियों की समय रहते पहचान एवं प्रतिक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकता है।


इन समझौता ज्ञापनों से सीआईएसएफ की साइबर सुरक्षा एवं ड्रोन संबंधी उभरते खतरों से निपटने की परिचालन और तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं कोयला खनन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।