अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा-कुसमुंडा) सतनामी कल्याण समिति कुसमुंडा के तत्वाधान में आदर्श नगर स्थित सतनाम भवन में सोमवार को भव्य महा आरती का आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में किया गया। लंबे अंतराल के बाद आयोजित इस महा आरती में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना एवं आरती में सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना एवं महा आरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की वरिष्ठ संतोषी कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। पूजा एवं आरती के पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच भोग-प्रसाद का वितरण किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान सतनाम भवन का वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण बना रहा।


पिछले 1 वर्ष के बाद सतनाम भवन में आयोजित इस भव्य महा आरती का आयोजन समाज के वरिष्ठ शत्रुघन अजय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। सभी ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में भाग लेकर सामाजिक एकजुटता एवं आपसी भाईचारे का संदेश दिया।


कार्यक्रम को सफल बनाने में सतनामी कल्याण समिति कुसमुंडा के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार टंडन, सचिव रामलाल जांगड़े, उपाध्यक्ष आशीष भार्गव, कोषाध्यक्ष पूरन कुमार, उपकोषाध्यक्ष झाड़ू बीपी, उप सचिव राजकुमार, सांस्कृतिक सचिव अनिल बंजारे, कार्यालय सचिव सनत भारद्वाज, संगठन सचिव नरेंद्र आदिले, संगठन सह सचिव सूरज प्रकाश परसराम, मीडिया प्रभारी अभिषेक आदिले सहित समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


इस अवसर पर सदस्य गण अजय मनहर, वनवासी, गौतमरिशी, सुरेन्द्र कुर्रे, ओमप्रकाश निराला, देव नारायण, डॉ. ऊषा टंडन, यशोदा जाटवर, कमला देवी, ऊषा मल्होत्रा, रिया भारद्वाज, हेमकुमारी, विनीता, रौशनी आदिले,पूनम आजाद, आराधना कुर्रे, लता आदिले, ऊषा जांगड़े, शारदा,पूजा भार्गव, मंजू निराला, किरण गोयल बबीता ,शुक्रिता,हरा बाई, अरुणा, अनुराधा, सरिता मनहर,संजय, विजय, कृष्णा, शीतला , अहिल्या देवी, अनाया, दिशा,सम्यक, क्षितिज, सारांश, परी, अनय, तनमय, कनिष्क अविका, सायशा, मायरा, नितिशा, आरुषि, अहाना, डे निशा एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के सफल आयोजन पर समिति के पदाधिकारियों ने सभी उपस्थित समाजजनों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और सकारात्मक सहभागिता को बढ़ावा देने की बात कही।