भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा) सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता गणपत शर्मा ने दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के जन सूचना अधिकारी पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रावधानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक भू-स्वामी को उसकी अधिग्रहित भूमि से संबंधित जानकारी देने से इंकार किया गया, जो आरटीआई अधिनियम की भावना के विपरीत है।

गणपत शर्मा के अनुसार मामला रामरतन पिता जेठू से संबंधित है, जिनकी अधिग्रहित भूमि के बदले रोजगार प्रकरण से जुड़े अभिलेखों की जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई थी। आवेदन में भूमि अधिग्रहण के एवज में दी गई नियुक्ति से संबंधित फाइल नोटिंग, कार्यालयीन पत्राचार, विभागीय अभिलेख एवं निर्णय संबंधी दस्तावेजों की प्रतियां मांगी गई थीं।

आरोप है कि जन सूचना अधिकारी ने सूचना देने से इंकार करते हुए आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(j) का हवाला दिया और इसे व्यक्तिगत जानकारी बताया। जबकि आवेदनकर्ता स्वयं संबंधित भूमि का खातेदार एवं भू-स्वामी है और अपने ही प्रकरण की जानकारी मांग रहा है।

गणपत शर्मा ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि किसी दस्तावेज का कुछ हिस्सा अपवाद के दायरे में आता है, तो धारा 10 के तहत उस हिस्से को अलग कर शेष जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

उन्होंने बताया कि मामले में प्रथम अपील दायर की जा चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय सूचना आयोग सहित सक्षम मंचों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सूचना के अधिकार अधिनियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित हो सके।