धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा)रजगामार की 7 वर्ष की नन्हीं सी जान के साथ हैवानियत का कृत्य और उसके पश्चात मासूम की नृशंस हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद दिवंगत बच्ची की आत्मशांति एवं उसके शोकाकुल परिवार को संबल देने के लिए जिले भर में अलग-अलग समुदायों, सामाजिक वर्गों एवं संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला जा रहा है। इस अत्यंत दुख की घड़ी में आम जनता पीड़ित परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और हर किसी की बस एक ही मांग है कि दरिंदे को फांसी के फंदे पर लटकाया जाए।

इसी कड़ी में आज बांकी मोंगरा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय आजाद के नेतृत्व में एक भावुक कैंडल मार्च निकाला गया। हाथों में कांपती लौ के साथ थमी मोमबत्तियां, सजल आंखें और फिजा में पसरा गहरा सन्नाटा—यह दृश्य किसी औपचारिकता का नहीं, बल्कि मासूम बेटी के असमय चले जाने के असहनीय दर्द और एक बिलखते परिवार के प्रति उमड़ी संवेदना का गवाह बना। इस मौन मार्च में स्थानीय नागरिकों और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी रही।

हाथों में जलती मोमबत्तियां और इंसाफ की तख्तियां थामे जब लोग सड़कों पर उतरे, तो हर चेहरा गमगीन था। दिवंगत बालिका के छायाचित्र के समक्ष जब श्रद्धासुमन व मोमबत्तियां अर्पित की गईं, तो उपस्थित हर शख्स की आंखें नम हो उठीं। मोमबत्तियों की मद्धम रोशनी में उस मासूम की यादें और परिजनों के प्रति समाज की गहरी आत्मीयता साफ झलक रही थी।

शोक सभा के दौरान लोगों के मन में इस घिनौने कृत्य को लेकर तीव्र आक्रोश है। मार्च में उपस्थित जनसमुदाय ने एक स्वर में संकल्प दोहराया कि जब तक मासूम के हत्यारे को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक संवेदना और इंसाफ की यह आवाज मद्धम नहीं पड़ने दी जाएगी।

इस शांतिपूर्ण कैंडल मार्च में बांकी मोंगरा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय आजाद, नवल किशोर पंडित, परमानंद सिंह, प्रदीप अग्रवाल, मधुसूदन दास, राकेश अग्रवाल, राजकुमार मिश्रा, नवीन कुकरेजा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।