डेटा आधारित कार्ययोजना और विभागीय संकेतकों में सुधार कर शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल करने पर जोर

कृष्णा पाण्डेय जिला ब्यूरो चीफ जीपीएम

(गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) नीति आयोग के आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत गौरेला विकासखंड में विकासात्मक गतिविधियों को गति देने तथा विभिन्न विभागीय संकेतकों में अपेक्षित सुधार लाने के उद्देश्य से 'नीति तारा' टूलकिट पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिला पंचायत के नर्मदा सभा कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण में नीति आयोग के डेवलपमेंट पार्टनर एडसिल नई दिल्ली की टीम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को टूलकिट के प्रभावी उपयोग एवं डेटा आधारित कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

    प्रशिक्षण में नई दिल्ली से आए विषय विशेषज्ञ अभिषेक पांडे एवं मनीष श्रीवास्तव ने नीति तारा टूलकिट की उपयोगिता, विभिन्न विकास संकेतकों की निगरानी, आंकड़ों के विश्लेषण तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि सटीक आंकड़ों के आधार पर योजनाओं की प्रगति का आकलन कर कम उपलब्धि वाले संकेतकों की पहचान की जा सकती है। इसके अनुरूप प्रभावी कार्ययोजना बनाकर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सकता है।

    प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, बुनियादी अधोसंरचना एवं अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में विभागीय समन्वय से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, नियमित प्रगति समीक्षा तथा सभी निर्धारित संकेतकों में शत-प्रतिशत संतृप्ति हासिल करने के लिए अधिकारियों की तकनीकी एवं प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने पर बल दिया गया।

    उल्लेखनीय है कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम का उद्देश्य पिछड़े विकास संकेतकों में तेजी से सुधार लाकर समावेशी एवं सतत विकास सुनिश्चित करना है। NITI TARA टूलकिट के माध्यम से डेटा आधारित निगरानी एवं योजनाबद्ध क्रियान्वयन से गौरेला विकासखंड में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम नागरिकों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।