अमर भारद्वाज सह-स्टेट हेड छत्तीसगढ़ डीएम इंडिया न्यूज़

(कोरबा-गेवरा) एसईसीएल की श्रमिक राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। नाथूलाल पांडेय के नेतृत्व वाली यूनियन से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और सैकड़ों समर्थकों ने संगठन छोड़कर कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को एसईसीएल की श्रमिक राजनीति में बड़े दलबदल के रूप में देखा जा रहा है।

गेवरा क्षेत्र स्थित हिंद खदान मजदूर फेडरेशन कार्यालय में आयोजित बैठक में हिंद खदान मजदूर फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रेशम लाल यादव तथा कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड के सदस्य एवं उप महामंत्री अख्तर जावेद उस्मानी के नेतृत्व में आठ एरिया के प्रमुख श्रमिक नेताओं ने भाग लिया। बैठक में शामिल नेताओं ने आरोप लगाया कि वे संगठन की कार्यशैली और कथित भ्रष्टाचार से असंतुष्ट थे। इसके बाद सभी ने केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह के नेतृत्व वाली कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस) में शामिल होने का निर्णय लिया।

दोपहर बाद आयोजित सदस्यता समारोह में केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह ने सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें संगठन की सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव संजय सिंह, उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह, तवर परवेज अजीजी, मनोज सिंह, बाबूलाल बारेठ, विमल दास महंत, रमेश उईके और सुरेश महिलंगे सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

सदस्यता ग्रहण करने वालों में रेशम लाल यादव, अख्तर जावेद उस्मानी, तरुण राहा, एस.सी. मंसूरी, शिव नारायण मिश्रा, ए. विश्वास, मिलन पांडेय, बरत लाल खुटे, राकेश बेंजामिन, ए.एस.डी. मानिकपुरी और सृष्टिधर तिवारी सहित कई प्रमुख श्रमिक नेता शामिल रहे।


नवनियुक्त सदस्यों ने कहा कि वे संगठन के उप-नियमों के अनुरूप मजदूर हितों की रक्षा के लिए कार्य करेंगे। उनका दावा है कि गेवरा, दीपका, कुसमुंडा सहित एसईसीएल की विभिन्न खदानों में श्रमिकों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।