धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा) कोरबा की पुरानी बस्ती में दिनांक 29/10/2026 के रात्रि लगभग 9:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 8 फिट का विशालकाय अजगर बिजली के मीटर बोर्ड के पास बैठा हुआ दिखाई दिया, अजगर की मौजूदगी और बिजली के मीटर बोर्ड के नजदीक उसका बैठना किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रहा था,समय रहते इसकी सूचना पुरानी बस्ती निवासी विकाश सिंह ने वन्यजीव रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को दिया जिस पर थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही फिर कुछ देर पश्चात जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रेस्क्यू प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया और थैले में डाला तब जाकर बस्ती वाले ने राहत भरी सांस लिया जिस पर सभी ने रेस्क्यू टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया फिर अजगर को उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया गया,बताया जा रहा है कि बस्ती के लोगों ने अजगर को नजदीक की नदी की ओर से निकलकर आते हुए देखा था,बारिश के मौसम में आसपास के इलाकों से वन्यजीवों का आबादी क्षेत्र की ओर आना आम बात है।

बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित कोरबा जिले का मौसम भी प्रभावित हुआ है,आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश के साथ तेज हवा हो रही थी, इस वक्त सभी अपने घरों में आराम कर रहे थे वहीं जितेंद्र सारथी इस मुश्किल घड़ी में लोगों की मदद करने में लगे हुए थे और अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लोगों को राहत पहुंचाई।


जितेंद्र सारथी ने बताया कि वन्यजीव कभी जानबूझकर इंसानी बस्तियों में नहीं आते, बल्कि अपने प्राकृतिक रहवास से भटककर या भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में आबादी क्षेत्र तक पहुंच जाते हैं, ऐसे में लोगों को घबराने या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए।


बिजली के मीटर और तारों के संपर्क में आने से उसे करंट लगने का गंभीर खतरा था, वहीं, यदि अजगर वहां से निकलकर किसी घर में प्रवेश कर जाता, तो लोगों के लिए भी बड़ा खतरा और दहशत की स्थिति पैदा हो सकती थी,सही समय पर रेस्क्यू होने से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया, इस दौरान बस्ती के लोगों ने भी राहत की सांस ली।


 वहीं अजगर निकलने की दुसरी घटना CMPDI कॉलोनी मानिकपुर में देखने को मिला जहां रात्रि करीब 10.30 बजे आर लक्ष्मण ने बताया कि एक विशाल काय अजगर कॉलोनी में प्रवेश कर रहा हैं जिसके रेस्क्यू के लिए जितेंद्र सारथी ने तत्काल अपने टीम के सदस्य बॉबी श्रीवास को भेजा और रेस्क्यू किया गया फिर उसे भी प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ा गया।


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