धनेश देवांगन बिलासपुर संभाग ब्यूरो चीफ

(कोरबा) साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के दीपका क्षेत्र में कार्यरत ठेका कंपनी कलिंगा कमर्शियल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KCCL) के खिलाफ श्रमिकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच बुधवार को आयोजित बैठक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। प्रबंधन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर श्रमिकों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।

इससे पहले बड़ी संख्या में माइनिंग स्टाफ, सुपरवाइजर, मैकेनिक और हेल्पर्स अर्धनग्न अवस्था में SECL दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के समाधान की मांग की। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी हाई पावर कमेटी (HPC) द्वारा निर्धारित मजदूरी दरों का पालन नहीं कर रही है तथा कोल इंडिया के नियमों के अनुसार वैधानिक वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हो रहा है।

श्रमिक प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रबंधन को 13 जून तक का समय दिया गया है। यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 14 जून से कलिंगा कंपनी का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। साथ ही खदान क्षेत्र के चांदनी चौक और केसीसी कैंप गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।

आंदोलनरत कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। श्रमिकों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं और लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति, कानून-व्यवस्था की समस्या या आर्थिक नुकसान के लिए शासन-प्रशासन, SECL प्रबंधन और KCCL कंपनी जिम्मेदार होंगे।

ज्ञापन सौंपने और प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक एकजुट होकर उपस्थित रहे, जिससे क्षेत्र में श्रमिक असंतोष की गंभीरता स्पष्ट रूप से सामने आई।