*पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के भर्ती व पदोन्नति नियम में टेट अनिवार्य नही

*टेट प्रभावित शिक्षक की सेवा सुरक्षा की गारंटी संघर्ष मोर्चा की

*28 वर्ष की सेवा अनुभव, फिर भी टेट अनिवार्य क्यो,?

देवेन्द्र कुमार खूंटे रिपोर्टर कोरबा

(कोरबा)कोरबा जिला सहित प्रदेश भर के सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता अपने जिले में 25 अगस्त को "टेट मुक्ति रैली" निकालकर मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, शिक्षा सचिव और डीपीआई के नाम से कलेक्टर व डीईओ को ज्ञापन देंगे,, इससे पहले 22 और 23 अगस्त की टेट प्रभावित शिक्षकों के साथ छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा जिले में बैठक कर 25 अगस्त को टेट मुक्ति रैली की तैयारी करेंगे।


छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा,वीरेंद्र दुबे,केदार जैन,जिला संयोजक मनोज चौबे ने समस्त शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे टेट मुक्ति हेतु छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के साथ तालमेल बनाकर रणनीति में हिस्सा लेंवे, शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने आस्वस्त किया है कि विभाग के साथ विस्तृत चर्चा हुआ है जिससे शिक्षकों का अहित नही होगा, किन्तु अपने लिए सभी प्रभावित शिक्षकों को संघर्ष करने की आवश्यकता है, हड़ताल करना और उसे परिणाम में बदलना दोनो अलग विषय है। संविलियन ब्रांड व पेंशन ब्रांड शिक्षक कर्मचारी नेता संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन का नारा है कि ""हमने दिलाया है, हम ही दिलाएंगे।""इस पर अब सहायक शिक्षक व शिक्षकों को पूर्ण भरोसा है। पूर्व में नियुक्त शिक्षकों के भर्ती और पदोन्नति नियम में टेट अनिवार्य नहीं है, अब नई प्रक्रिया से पीड़ित है, यह सोचने का विषय है की 28 वर्ष की सेवा अनुभव के बाद भी शिक्षकों को टेट जैसे परीक्षा दिए जाने जबरदस्ती किया जा रहा है। तीनो प्रदेश संयोजक ने कहा है कि टेट प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा की गारंटी छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा की है।


छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन,जिला संयोजक मनोज चौबे ने शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह जी और लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी जी से भेंट कर लंबी चर्चा की और एक कार्य योजना उन्हें अवगत कराया गया, जिस पर उन्होंने त्वरित रूप से जानकारी लेते हुए सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया है, साथ ही साथ प्रदेश भर के शिक्षकों के लिए बीएड ब्रिज कोर्स कराये जाने के आग्रह को स्वीकार करते हुए इस विषय में भी पहल करते हुए scert को बैठक कर कार्ययोजना बनाने कहा है और 19 अगस्त को बैठक आयोजित हुआ,सकारात्मक भरोसा दिया गया है, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने नई भर्ती व पदोन्नति नियम 13 फरवरी 2026 को शिक्षकों के लिए विसंगति पूर्ण बताते हुए उसमें संशोधन का सुझाव रखा है, पुरानी पेंशन पूर्ण रूप से शिक्षकों को मिले इस हेतु पूर्व सेवा की गणना किए जाने का पक्ष भी पुरजोर तरीके से रखा गया।


और प्रमुख विषय के रूप में छत्तीसगढ़ के शिक्षक और कर्मचारियों को केंद्रीय स्तर का वेतनमान देते हुए वेतन विसंगति दूर करने का पक्ष रखा गया है।


 भेंट चर्चा मुलाकात में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, केदार जैन, सुधीर प्रधान, देवनाथ साहु, योगेश सिंह ठाकुर, कोरबा जिला संयोजक मनोज चौबे,बिलासपुर जिला सह संयोजक नवीन चौधरी, आशीष गुप्ता,आशुतोष शुक्ला सहित प्रदेश भर के पदाधिकारी शामिल हुए।