शारीरिक निष्क्रियता ऑस्टियोपोरोसिस का प्रमुख कारण, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार से हड्डियों को रखें मजबूत : डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा

चितरंजन कुमार प्रसाद रिपोर्टर कोरबा

(कोरबा)विश्व अस्थिसुषिरता दिवस (वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे) के अवसर पर 20 अक्टूबर को स्वस्थ भारत समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत कोरबा के निहारिका स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स के पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। आयुष मेडिकल एसोसिएशन, लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, भारत विकास परिषद, आरोग्य भारती एवं विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में 27 मरीज लाभान्वित हुए।

शिविर में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। मरीजों को अस्थिगत वात रोगों के संबंध में परामर्श देने के साथ आयुर्वेद, पंचकर्म, एक्यूप्रेशर, योग एवं गृह चिकित्सा से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में हीमोग्लोबिन, विटामिन डी, कैल्शियम और रक्त शर्करा की जांच निःशुल्क की गई। श्री डायग्नॉस्टिक पैथो लैब द्वारा विटामिन डी एवं कैल्शियम की जांच की गई। साथ ही शुगर की परीक्षित औषधि और अस्थिगत वात रोगियों के लिए उपयोगी स्वास्थ्य पुस्तिका भी निःशुल्क वितरित की गई।

डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस का अर्थ छिद्रयुक्त हड्डी है। इस बीमारी में हड्डियों का घनत्व कम होने से वे कमजोर हो जाती हैं और मामूली चोट या गिरने पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। शारीरिक निष्क्रियता, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का सेवन, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन इसके प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।

उन्होंने लोगों को नियमित शारीरिक गतिविधियां करने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने तथा विटामिन डी के लिए उचित धूप लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर जांच से बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

शिविर में श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा सहित लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के पदाधिकारी, चिकित्सकीय सहयोगी, पंचकर्म तकनीशियन एवं अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। सभी ने शिविर के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जांच के माध्यम से जनसेवा को बढ़ावा देना रहा।