कक्षा 10वीं में पायल और 12वीं में रश्मि ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, 4 सितंबर को नरियरा में होगा सम्मान समारोह

(जांजगीर-चांपा)नरियरा में कन्नौजे रजक समाज की बालिकाओं ने वर्ष 2026 की कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर समाज का नाम रोशन किया है। बालिकाओं की इस उपलब्धि को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्व. मिथिलेश निर्मलकर स्मृति बालिका प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 (सप्तम वर्ष) का आयोजन किया जा रहा है। 25 अगस्त 2026 तक प्राप्त अंकसूचियों के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का चयन सम्मान के लिए किया गया है।

10वीं में पायल निर्मलकर प्रथम

कक्षा 10वीं में पायल निर्मलकर ने 94.50 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 3100 रुपये, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया जाएगा। वहीं गीतिका निर्मलकर 94.20 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा कृतिका निर्मलकर 90.16 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। चौथे स्थान पर श्रेया निर्मलकर (87%), पांचवें पर इशिका रजक (84.60%), छठे पर शालिनी निर्मलकर (80.33%), सातवें पर साक्षी निर्मलकर (79.66%), आठवें पर दिपाली रजक (77%), नौवें पर राधिका निर्मलकर (76.33%) और दसवें स्थान पर विद्या (75.83%) रहीं।

12वीं में रश्मि निर्मलकर ने मारी बाजी

कक्षा 12वीं में रश्मि निर्मलकर ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 3100 रुपये, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न से सम्मानित किया जाएगा। प्रिया रजक 93.6 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा सिद्धि निर्मलकर 88.20 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। इसके बाद मोनिका निर्मलकर (83.2%), अन्नपूर्णा रजक (82.20%), प्रीति निर्मलकर (82%), पल्लवी निर्मलकर (81.60%), खुशबू (81.20%), सृष्टि निर्मलकर (81.20%) एवं महिमा करश (81.20%) सहित अन्य मेधावी छात्राओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

4 सितंबर को होगा सम्मान समारोह

आयोजक संयोजक बद्री विशाल निर्मलकर ने सभी चयनित बालिकाओं को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए सम्मान समारोह में सपरिवार उपस्थित होने का आग्रह किया है। समारोह 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को दोपहर 2 बजे नगर पंचायत नरियरा के महंत पारा स्थित ‘रामगुड़ी’ में आयोजित किया जाएगा।

आयोजक बद्री विशाल निर्मलकर ने कहा कि समाज की बेटियों की शैक्षणिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान से छात्राओं का मनोबल बढ़ेगा और अन्य बालिकाओं को भी शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी।