भोलाशंकर रिपोर्टर कुसमुंडा कोरबा

(कोरबा-दीपका) दीपका नगर पालिका क्षेत्र के कई वार्डों में करोड़ों रुपये की लागत से बनी नल-जल योजना ग्रामीणों को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। लगभग छह वर्ष पूर्व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर फिल्टर प्लांट, पानी की टंकी तथा लाखों रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आज भी कई इलाकों में लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।

सबसे अधिक प्रभावित वार्ड क्रमांक 1 शहीद वीर नारायण सिंह वार्ड के गोबरघोरा रोहिदास मोहल्ला के निवासी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो महीनों से नलों में एक बूंद पानी तक नहीं आया है। भीषण गर्मी और बरसात के बीच महिलाओं एवं बच्चों को पीने और घरेलू उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था करने दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। इससे लोगों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है।

वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल ने आरोप लगाया कि पेयजल संकट की जानकारी कई बार नगर पालिका प्रशासन को मौखिक रूप से दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पार्षद एवं मोहल्लावासियों ने 12 जुलाई 2026 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित ज्ञापन सौंपकर तत्काल जलापूर्ति बहाल करने की मांग की थी। उनका कहना है कि ज्ञापन दिए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिससे लोगों का धैर्य टूटता जा रहा है।

आक्रोशित वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो नगर पालिका परिषद दीपका कार्यालय का घेराव कर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।